महराजगंज: जिले में जालसाजी का एक अजीबो गरीब मामला सामने आया था। दरअसल, जिलाधिकारी के नाम की जमीन राजश्व विभाग की मिलीभगत से सहखातेदारों ने बेच दी थी। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई थी।

खतौनी से जिलाधिकारी का नाम काटकर जमीन बेच दी गई थी। जांच में सदर एसडीएम ने पुनः DM का नाम दर्ज कराया है। बेची गई जमीन के बैनामे को खारिज करने का आदेश भी हुआ है।

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इतना ही नहीं दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश हुआ है। बता दें कि दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर कूटरचित तरीके से DM की जमीन हड़प ली गई थी।

पूरा मामला सदर थाना क्षेत्र के नगर में स्थित मउपाकड़ का है। जमीन की कीमत कई करोड़ो की आँकी गई है।

 

 

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