बस्ती, 23 अप्रैल: भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित होने वाले विशाल “महिला जन आक्रोश सम्मेलन” को सफल बनाने हेतु आज जिला कार्यालय बस्ती में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने की तथा पूर्व सांसद एवं असम प्रभारी हरीश द्विवेदी की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक में सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे इस सम्मेलन को जनपद के इतिहास का सबसे बड़ा और सफल महिला सम्मेलन बनाएंगे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 23 अप्रैल को बस्ती स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में भव्य महिला जन आक्रोश सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में हरीश द्विवेदी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर हरीश द्विवेदी ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए कहा कि यह सम्मेलन महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उनके सम्मान के लिए एक सशक्त मंच बनेगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ स्तर तक जाकर अधिक से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ें, ताकि उनकी आवाज को मजबूती मिल सके।
जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 अप्रैल को सर्किट हाउस बस्ती में एक प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में हरीश द्विवेदी मीडिया प्रतिनिधियों को सम्मेलन के उद्देश्यों से अवगत कराएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 23 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जनपद के प्रत्येक मंडल में महिला जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के जनप्रतिनिधि, महिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता घर-घर संपर्क कर महिलाओं को जागरूक करेंगे। विद्यालयों, छात्रावासों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। सम्मेलन की सफलता के लिए व्यापक घर-घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा तथा बूथ समितियों को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में जिला उपाध्यक्ष शालिनी मिश्रा, शिवानी सिंह, सुषमा चौधरी, मीना पाण्डेय, निर्मला श्रीवास्तव, संध्या दीक्षित, मृदुला शुक्ला सहित अनेक महिला पदाधिकारी उपस्थित रहीं।

By UP Khabariya

UP Khabriya is an interactive platform where you can raise your issues through our channel. Available across digital platforms and with a monthly magazine, it covers a wide range of topics including governance, education, and public welfare in your language.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *