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बस्ती। संगठित हिन्दू, समर्थ भारत के संकल्प को सशक्त करने तथा अपने हिन्दू समाज की बंधुता, परस्पर प्रेम, सहयोग एवं स्वाभिमान को जाग्रत करने के उद्देश्य से आज दोपहर नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग बस्ती में अरविन्द बस्ती के एक विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया।
    हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति, अरविन्द बस्ती के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दू सम्मेलन समिति के अध्यक्ष श्री महेन्द्र जी ने की। सन्त के रूप में तपसी धाम आश्रम के पीठाधीश्वर महंत जयबख्श दास जी महाराज भी मंच पर उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्त संगठन मंत्री श्रीमान दीपेश जी रहे। कार्यक्रम में मातृशक्ति के रूप में राजमाता श्रीमती आशिमा सिंह जी, सेवानिवृत्त मंडल रेल प्रबंधक, बस्ती की गरिमामयी उपस्थिति रही।
   कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद, स्वस्तिवाचन, भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं मंचासीन अतिथियों का परिचय श्री आशीष सिंह जी द्वारा कराया गया। इस अवसर पर उपस्थित संतों, अतिथियों एवं हिन्दू समाज के प्रबुद्धजनों का सम्मान भी किया गया।
   मुख्य वक्ता श्रीमान दीपेश जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन हिन्दू धर्म ही वह जीवन पद्धति है जिसने समाज को जोड़ने, समरसता का भाव जाग्रत करने और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश पूरे विश्व को दिया है। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज की एकता, संगठन और स्वाभिमान ही राष्ट्र की शक्ति का मूल आधार है। एक हिंदू ही है जो नदी, पर्वत, पशु-पक्षी और मानव सब को एक मानता है। हम केवल हिन्दुओं का नहीं,अपितु विश्व के कल्याण का भाव रखते हैं। हम लोगों ने सुना होगा धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो। यदि हम इस पर विचार करते हैं तो विश्व में वह भी देश आते हैं जो हमारे मित्र ही नहीं, शत्रु भी हैं। हम उनके भी कल्याण की कामना करते हैं।
   अपने  उद्बोधन में महंत जयबख्श दास जी महाराज ने कहा कि जब हिन्दू समाज संगठित रहता है, तभी हमारी संस्कृति, परंपरा, पूजा-पद्धति और राष्ट्र सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र व धर्म के प्रति सजग एवं सक्रिय रहने का आह्वान किया।
    मातृशक्ति के रूप में उपस्थित श्रीमती आशिमा सिंह जी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि हिन्दू एक सभ्यता, एक संस्कृति है। हिन्दू सभी धर्म से श्रद्धा रखता है। उन्होंने हिन्दू धर्म के दस लक्षणों की चर्चा की। उन्होंने आगे कहा कि समाज निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्त्रियों की संख्या कम होना चिंतनीय है,नारी भ्रूण हत्या नहीं होनी चाहिए तथा पुरुष और स्त्रियों  का लिंगानुपात समान होना चाहिए।संगठित हिन्दू समाज ही सशक्त एवं समर्थ भारत के निर्माण का आधार है।
  सम्मेलन में आगत सभी मान्य अतिथियों व अन्य उपस्थित बन्धु – भगिनियों के प्रति आभार प्रदर्शन सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गोविंद सिंह ने किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मन्त्र के साथ हुआ।
   इससे पूर्व सरस्वती विद्या मंदिर रामबाग, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग तथा सरस्वती शिशु मंदिर रामबाग के भैया – बहनों ने गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। बालिका विद्यालय की बहनों द्वारा गणेश वंदना की प्रस्तुति बहुत आकर्षक रही। सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय द्वारा आयोजित मयूर नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया।  विद्या मन्दिर रामबाग के संगीताचार्य श्री प्रकाश चौबे तथा उमेश पाण्डेय ने भी भजन प्रस्तुत किया।    
    सम्मेलन में संत समाज, विभिन्न मठ-मंदिरों के पुजारीगण, युवा शक्ति, मातृशक्ति, सज्जन शक्ति एवं बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के प्रबुद्ध सनातनी नागरिक उपस्थित रहे।

By UP Khabariya

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